अध्यक्ष

श्री अजय भट्ट  का रानीखेत, जिला अल्मोड़ा में दिनांक 1 मई, 1961 को स्व0 श्री कमलापति भट्ट के घर में पुत्र के रूप में जन्म हुआ। श्री अजय भट्ट का निवास स्थान 784, गांधी चैक, रानीखेत जिला अल्मोड़ा में एवं उनका पैतृक निवास ग्राम धनखल, द्वाराहाट, जिला अल्मोड़ा में है। श्री भट्ट की षिक्षा एल0एल0बी0 है। श्री भट्ट का विवाह 1986 में श्रीमती पुश्पा भट्ट से हुआ। उनकी पत्नी विधि व्यवसाय से जुड़ी हैं। पूर्व में वह न्यायाधीष के पद पर भी रह चुकी है तथा वर्तमान में नैनीताल उच्च न्यायालय में वकालत करती हैं। श्री भट्ट की तीन पुत्रियाॅ एवं एक पुत्र है। बड़ी पुत्री का विवाह बद्रीनाथ जी के पुजारी डिमरी परिवार में हुआ है।

श्री भट्ट बचपन से ही कड़े मेहनती, बहुत विनम्र, आत्म सम्मानी व जुझारू व्यक्ति रहे हैं। बचपन में ही उनके सिर से उनके पिता का साया उठ गया तथा अकस्मात दो भाईयों की मृत्यु हो जाने से उनको काफी आर्थिक संकटों का सामाना करना पड़ा, उनके बड़े भाई साहब राजस्व अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त होकर पिथौरागढ़ में रहते हैं। उन्होंने बचपन से ही माॅ दूनागिरी मन्दिर में चाय, चूड़ी-बिन्दी व हैड़ाखान बाबा मन्दिर रानीखेत में छोटी-छोटी दुकानें की, फिर सब्जी की दुकान भी खोली, इस तरह छोटे-छोटे कार्यो से उन्होंने अपने व अपने परिवार का पालन-पोशण किया तथा साथ-साथ उन्होंने अपनी पड़ाई भी जारी रखी। श्री भट्ट ने अल्मोड़ा काॅलेज में मैस चलाकर अपनी एल0एल0बी0 की पढ़ाई पूरी की और विवाह के बाद उन्होंने व उनकी पत्नी ने साथ-साथ में वकालत की, वहाॅ भी श्री भट्ट एक अच्छे अधिवक्ता साबित हुए।

श्री भट्ट की पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक कार्यो में भी उनकी सक्रियता रही, और वह एक स्वयं सेवक भी रहे, छात्र जीवन से ही वह राजनीति में भी रहे। उन्होंने भा0ज0पा0 की सामान्य सदस्यता से षुरूआत की। वह सन् 1985 में भा0ज0यु0 मोर्चा उ0प्र0 कार्य समिति के सदस्य, संयोजक भा0ज0यु0मो0 तहसील भिक्यासैण एवं रानीखेत, जिला मंत्री भा0ज0पा0 अल्मोड़ा, उपाध्यक्ष भा0ज0पा0 अल्मोड़ा, (सन् 1985 से) अल्मोड़ा भा0ज0पा0 कार्यसमिति के सदस्य, सदस्य उत्तरांचल प्रदेष संघर्श समिति, एकता यात्रा के अल्मोड़ा जिले की केसरिया वाहिनी के प्रमुख, अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ संसदीय सीट के तीन बार संयोजक, प्रदेष सदस्यता अभियान प्रमुख, प्रदेष मंत्री भा0ज0पा0 उत्तरांचल प्रदेष, प्रदेष महामंत्री भा0ज0पा0 उत्तराखण्ड प्रदेष (2 बार) सहित कई पदों पर आसीन रहे।

श्री भट्ट 1996 में प्रथम बार उत्तर प्रदेष विधान सभा में रानीखेत विधान सभा से निर्वाचित हुए एवं 2002 से 2007 एवं 2012 में पुनः रानीखेत विधान सभा से उत्तरांचल विधान सभा में विधायक निर्वाचित हुए एवं वर्तमान में उत्तरांचल विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। इससे पूर्व भी श्री भट्ट उत्तर प्रेदष विधान सभा में लोक लेखा समिति व सी0पी0ए0 के सदस्य, उत्तर प्रदेष विधान सभा की विषेशाधिकार समिति के सभापति का दायित्व का निर्वाहन कर चुके हैं तथा उत्तरांचल बनने के बाद भी श्री भट्ट उत्तरांचल सरकार में उत्तरांचल सरकार में मंत्री का दायित्व, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आपदा प्रबन्धन एवं पुर्नवास, आबकारी विभाग, महिला सषक्तिकरण विभाग, विधायी एवं संसदीय कार्य, बाल विकास विभागों के दायित्वों का निर्वहन बड़ी कुषलता से किया। चिकित्सा मंत्री के दौरान कड़े फैसले लेने, स्थानान्तरण पालिसी तथा बड़े लोगों की ‘एप्रोच’ पर भी स्थानान्तरण आदेष नहीं बदलने के फलस्वरूप कई डाक्टरों ने नौकरी छोड़ दी क्योंकि डाक्टर चिकित्यालय से छुट्टी लेकर अपनी प्राईवेट प्रेक्टिस करते थे। इनकी ईमानदारी की सभी लोग सराहना करते हैं।

श्री भट्ट द्वारा उत्तराचंल विधान सभा में संयोजक विधान मण्डल उत्तरांचल विधान मण्डल दल, सभापति, सरकारी आष्वासन समिति उत्तराखण्ड विधान सभा का पदभार भी सम्भाला गया। इसके अलावा श्री भट्टएन0आर0एच0एम0 (वर्श 2009 से 2011) के अध्यक्ष पद का निर्वहन भी कर चुके हैं। उत्तर प्रदेष में सी0पी0ए0 के सदस्य के रूप में श्री भट्ट को विभिन्न देषों के संविधान एवं आपदा प्रबन्धन के अध्ययन के लिए चीन, जापान, आस्टेªलिया, कनाडा, थाईलैण्ड समेत कई देषों में जाने का अवसर प्राप्त हुआ।

श्री भट्ट सामाजिक जीवन में भी काफी सक्रिय रहे हंै उन्होंने अध्यक्ष, सरकारी श्रमिक संघ कोआपरेटिव ड्रग फैक्ट्री, रानीखेत के पद का दायित्व लगातार 10 वर्शों तक निभाया। वर्तमान में भी अध्यक्ष, सचिव, नागरिक सुरक्षा परिशद रानीखेत, सचिव राश्टीªय ग्रामोत्थान परिशद, महासचिव उत्तरांचल हरिजन षिल्प कला उत्थान, उपाध्यक्ष नूपूर कला एवं खेल संस्थान रानीखेत, सरंक्षक बाल्मीकि समाज रानीखेत, संयोजक श्रीराम कार सेवा समिति रानीखेत (राम मन्दिर निर्माण के समय) सदस्य अम्बेडकर मिषन जैसे विभिन्न संगठनों में सामाजिक कार्य किये एवं इन संगठनों में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन भी किया गया। श्री भट्ट ने अपने जीवन में जिस तरह गरीबी एवं काफी कठिनाइयाॅं देखी हैं। उनका जीवन जिस तरह से संघर्शपूर्ण रहा है, उसे वह आज भी नहीं भूले हैं। उनकी ईष्वर पर गहरी आस्था है। वह एक आध्यात्मिक व्यक्ति हैं तथा षुद्ध रूप से षाकाहारी हैं।

श्री भट्ट ने अपने हर पद को ईमानदारी, मेहनत से निभाया है, नेता प्रतिपक्ष के रूप में भी उन्होंने अपने पद को बखूबी निभा रहे हैं। श्री भट्ट ने बतौर नेता प्रतिपक्ष सरकार को हर मोर्चे में घेरा। सरकार की हर जनविरोघी नीतियों को सदन से लेकर सड़कों तक जनता के बीच पहुॅचाने में खूब कामयाब रहे, जिसमें कई बार सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा, उसी को देखते हुए भा0ज0पा हाईकमान ने उन्हें प्रदेष अध्यक्ष पद पर सर्वसम्मति से नवाजा है।